
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक अपनी बात पहुंचाना संचार कहलाता है यह दो या दो से अधिक लोगों के बीच होता है लेकिन जरूरी नहीं कि आपने जो मैसेज आप के बाद जिस व्यक्ति को दिया है, अंत तक वह उसी तरह रहे। इस स्थिति को कम्युनिकेशन गैप कहते है, ओर यह अन्तर बनना भी स्वाभाविक बात है।
आइए जानते है कम्युनिकेशन गैप को विस्तार से:-
आप 20 लोगों की एक टीम बनाएं, उसके बाद पहले व्यक्ति को अपना एक मैसेज दें, आप सभी को इस मैसेज को आगे वाले व्यक्ति के कान में कहने को कहें। मानिए मैसेज है
“उससे पकड़ो मत, जाने दो”
लेकिन जब आखिरी व्यक्ति इसी मैसेज को आपको बताएगा तो वह कुछ ओर हो जाएगा या उसका अर्थ भी अलग हो सकता है, हो सकता है अब आप का ही मैसेज आप को यह मिले
“उससे पकड़ो, मत जाने दो”
ऐसा होना स्वाभाविक बात है परंतु ऐसा ना हो इसलिए हमें क्या करना चाहिए,
इसका समाधान इन छ: बिन्दुओ से हो सकता है :-
1)अच्छे स्रोता बने : -
एक अच्छा स्रोता हमेशा किसी भी कही गयी बात को अच्छे से सुनता है, उससे समझता है ओर उससे याद रखने की कोशिश करता है।
2) बात को दोहराए: - जब भी आप को कोई बात कही जाए तो उसे दोहरा कर confirm जरूर कर ले कि जो आप ने सुना वही आप ने समझा है।
3) पेपर मे लिखे : -
जब भी आप को किसी बात को सुनने के बाद लगे कि आप उससे भूल सकते है तो उससे किसी पेपर पर जरूर लिख ले, और दोवारा उस बात को कहने से पहले उससे पढ़ ले।
4) आप से कही गयी बात को दोवारा पूछे :-
जब भी आप को किसी सूचना को आगे पहुंचाना हो और यदि आप को लगता है कि आप उस मैसेज/सूचना को भूल गए है तो उससे दोवारा पूछ ले परन्तु कभी भी गलत सूचना को आगे न जाने दे ।
5) शब्दावली का ध्यान रखे: -
हमेशा आप से कही गई बात का अर्थ जरूर समझे, नहीं तो आप सुनेगे कुछ ओर और समझाएँगे कुछ ओर।
6) पुष्टि करे: -
हमेशा अपने द्वारा कही किसी भी बात कि पुष्टि जरूर कर ले, इसके लिए आप को अपने साथी से उस बात को दोहरने के लिए कहना होगा। इसका सबसे अच्छा उदाहरण आप ने स्कूल मे देखा होगा जहा एक शिक्षक हमेशा अपने पढ़ाये पाठ को बच्चो से दोहराता है।
जब आप कि पूरी टीम इन छ : बिन्दुओ को ध्यान मे रखेगी तब आप का मैसेज आखरी व्यक्ति तक वैसा ही पहुचेगा जैसा की आप ने पहले व्यक्ति को दिया था।
लेकिन जब आखिरी व्यक्ति इसी मैसेज को आपको बताएगा तो वह कुछ ओर हो जाएगा या उसका अर्थ भी अलग हो सकता है, हो सकता है अब आप का ही मैसेज आप को यह मिले
“उससे पकड़ो, मत जाने दो”
ऐसा होना स्वाभाविक बात है परंतु ऐसा ना हो इसलिए हमें क्या करना चाहिए,
इसका समाधान इन छ: बिन्दुओ से हो सकता है :-
1)अच्छे स्रोता बने : -
एक अच्छा स्रोता हमेशा किसी भी कही गयी बात को अच्छे से सुनता है, उससे समझता है ओर उससे याद रखने की कोशिश करता है।
2) बात को दोहराए: - जब भी आप को कोई बात कही जाए तो उसे दोहरा कर confirm जरूर कर ले कि जो आप ने सुना वही आप ने समझा है।
3) पेपर मे लिखे : -
जब भी आप को किसी बात को सुनने के बाद लगे कि आप उससे भूल सकते है तो उससे किसी पेपर पर जरूर लिख ले, और दोवारा उस बात को कहने से पहले उससे पढ़ ले।
4) आप से कही गयी बात को दोवारा पूछे :-
जब भी आप को किसी सूचना को आगे पहुंचाना हो और यदि आप को लगता है कि आप उस मैसेज/सूचना को भूल गए है तो उससे दोवारा पूछ ले परन्तु कभी भी गलत सूचना को आगे न जाने दे ।
5) शब्दावली का ध्यान रखे: -
हमेशा आप से कही गई बात का अर्थ जरूर समझे, नहीं तो आप सुनेगे कुछ ओर और समझाएँगे कुछ ओर।
6) पुष्टि करे: -
हमेशा अपने द्वारा कही किसी भी बात कि पुष्टि जरूर कर ले, इसके लिए आप को अपने साथी से उस बात को दोहरने के लिए कहना होगा। इसका सबसे अच्छा उदाहरण आप ने स्कूल मे देखा होगा जहा एक शिक्षक हमेशा अपने पढ़ाये पाठ को बच्चो से दोहराता है।
जब आप कि पूरी टीम इन छ : बिन्दुओ को ध्यान मे रखेगी तब आप का मैसेज आखरी व्यक्ति तक वैसा ही पहुचेगा जैसा की आप ने पहले व्यक्ति को दिया था।
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