अगर समय का सही उपयोग किया जाये तो, हम जीवन में स्वयं के साथ साथ दुसरो को भी खुश रख सकते है, इस बात का प्रमाण में आप को एक कहानी से बताना चाहुगा.

एक बार एक कक्षा मे एक अध्यापक ने बच्चो को कुछ सीखने के लिए कुछ सामान अपने साथ लेकर आए, जिसमे कुछ क्रिकेट बॉल, थोड़े छोटे पत्थर, एक थैली रेत, एक काँच का जार और दो कप चाय भी लेकर आए, सभी बच्चे इस बात से हैरान थे की आज उनके अध्यापक अपने साथ इतना सामान क्यो लाये है?
अध्यापक ने सभी सामान मेज़ पर रखकर, उस काँच के जार को उठा कर सभी बच्चो से सवाल किया:-

1) क्या यह जार खाली है?
सभी का जबाब था। “हा”
परंतु अध्यापक का कहना था “नहीं” क्यो की उसमे हवा भरी हुयी थी, जो की दिखाई नहीं दे रही थी, उसके बाद अध्यापक ने उसका ढक्कन खोलकर उसमे कुछ बॉल भर दी और फिर सभी बच्चो से पूछा :-

2) क्या अब यह जार खाली है?
सभी जा जबाब था। “नहीं”
परंतु अध्यापक ने उस जार मे कुछ पत्थर उसमे डाले और जार को हिलाया, जिससे बॉल के बीच भी पत्थरो के लिए जगह बन गई थी, अब जार भरा हुया दिख रहा था, और फिर अध्यापक ने सभी बच्चो से पूछा :-

3) क्या अब ये जार खाली है?
सभी का जबाब था। “नहीं”
परंतु अध्यापक ने उस जार मे कुछ रेत भरी और पुनः जार को हिलाया, जिससे बॉल और पत्थर के बीच रेत आसानी से अपनी जगह बनाकर जार मे आ गयी थी। अब जार भरा हुया दिख रहा था, और फिर अध्यापक ने सभी बच्चो से पूछा :-

4) क्या अब ये जार खाली है?
सभी जा जबाब था। “ अब तो बिलकुल नहीं”
अब अध्यापक ने बच्चो को समझाया कि इस जार कि तरह हम सभी के पास जीने के लिए यह एक ही जीवन है, और दिन भर का समय भी सभी के पास बराबर है। इस विशाल ब्रह्मांड मे हमारे पास कुछ भी हासिल करने की क्षमता है, यदि हम अपने समय का बुद्धिमानी से उपयोग करते हैं तो हम अपने जीवन के समय को सभी के अनुकूल बना सकते है।
यहा जार तुम्हारे जीवन को दर्शाता है,
क्रिकेट बॉल आप की फ़ैमिली, आप के दोस्त, आप की हैल्थ , आप के जीवन के लक्ष्य को दिया गया समय दर्शाता है,
छोटे पत्थर आप की जॉब, आप का घर एवम आप की अन्य जरूरत की चीजों पर दिये आप के समय को दर्शाता है,
रेत आप के जीवन के मनोरंजन के साधन जैसे पार्टी, टूर, मूवीस आदि मे दिये समय को दर्शाता है,
अगर हम रेत को जार मे पहले भर लेनगे, तो जार मे बॉल और पत्थर को भरने के लिए जगह नहीं बचेगी, इस तरह आप अपने जीवन के समय को छण भर की खुशी पाने के लिए खो दोगे, उसके बाद आप के पास आपकी फॅमिली, दोस्त और अपनी सेहत के लिए समय नहीं बचेगा और हमे मजबूरन समय से समझोता करना पड़ेगा । इसलिए इस जार की तरह आप भी अपने जीवन की प्राथमिकता तय करो की आप को इसमे पहले क्या भरना है या कहे की किसके लिए समय देना है।
यह बात तो बच्चो को अच्छे से समझ आ गयी परतू अंत मे जिज्ञासा वश किसी विध्यर्थी ने पूछ लिया की इन सब मे इन दो कप चाय का क्या रोल है?

तब अध्यापक ने समझाया की आप अपने जीवन मे कितने भी व्यस्त क्यो न हो, हमेशा अपने चाहने वालों के साथ बेठकर दो कप चाय पीने/ या उनके साथ कुछ पल बिताने का समय जरूर निकालना चाहिए। यह समय बिना किसी परेशानी के अपने आप, आपके जीवन मे मिल जाएगा। ओर इतना कह कर अध्यापक ने उस जार मे दो कप चाय भी भर दी, और चाय भी जार मे आसानी से आ गया थी।
क्योकि बाकी सब वस्तुओ ने चाय को अपने अंदर सोख लिया था।
"दो कप चाय"

एक बार एक कक्षा मे एक अध्यापक ने बच्चो को कुछ सीखने के लिए कुछ सामान अपने साथ लेकर आए, जिसमे कुछ क्रिकेट बॉल, थोड़े छोटे पत्थर, एक थैली रेत, एक काँच का जार और दो कप चाय भी लेकर आए, सभी बच्चे इस बात से हैरान थे की आज उनके अध्यापक अपने साथ इतना सामान क्यो लाये है?
अध्यापक ने सभी सामान मेज़ पर रखकर, उस काँच के जार को उठा कर सभी बच्चो से सवाल किया:-

1) क्या यह जार खाली है?
सभी का जबाब था। “हा”
परंतु अध्यापक का कहना था “नहीं” क्यो की उसमे हवा भरी हुयी थी, जो की दिखाई नहीं दे रही थी, उसके बाद अध्यापक ने उसका ढक्कन खोलकर उसमे कुछ बॉल भर दी और फिर सभी बच्चो से पूछा :-

2) क्या अब यह जार खाली है?
सभी जा जबाब था। “नहीं”
परंतु अध्यापक ने उस जार मे कुछ पत्थर उसमे डाले और जार को हिलाया, जिससे बॉल के बीच भी पत्थरो के लिए जगह बन गई थी, अब जार भरा हुया दिख रहा था, और फिर अध्यापक ने सभी बच्चो से पूछा :-

3) क्या अब ये जार खाली है?
सभी का जबाब था। “नहीं”
परंतु अध्यापक ने उस जार मे कुछ रेत भरी और पुनः जार को हिलाया, जिससे बॉल और पत्थर के बीच रेत आसानी से अपनी जगह बनाकर जार मे आ गयी थी। अब जार भरा हुया दिख रहा था, और फिर अध्यापक ने सभी बच्चो से पूछा :-

4) क्या अब ये जार खाली है?
सभी जा जबाब था। “ अब तो बिलकुल नहीं”
अब अध्यापक ने बच्चो को समझाया कि इस जार कि तरह हम सभी के पास जीने के लिए यह एक ही जीवन है, और दिन भर का समय भी सभी के पास बराबर है। इस विशाल ब्रह्मांड मे हमारे पास कुछ भी हासिल करने की क्षमता है, यदि हम अपने समय का बुद्धिमानी से उपयोग करते हैं तो हम अपने जीवन के समय को सभी के अनुकूल बना सकते है।
यहा जार तुम्हारे जीवन को दर्शाता है,
क्रिकेट बॉल आप की फ़ैमिली, आप के दोस्त, आप की हैल्थ , आप के जीवन के लक्ष्य को दिया गया समय दर्शाता है,
छोटे पत्थर आप की जॉब, आप का घर एवम आप की अन्य जरूरत की चीजों पर दिये आप के समय को दर्शाता है,
रेत आप के जीवन के मनोरंजन के साधन जैसे पार्टी, टूर, मूवीस आदि मे दिये समय को दर्शाता है,
अगर हम रेत को जार मे पहले भर लेनगे, तो जार मे बॉल और पत्थर को भरने के लिए जगह नहीं बचेगी, इस तरह आप अपने जीवन के समय को छण भर की खुशी पाने के लिए खो दोगे, उसके बाद आप के पास आपकी फॅमिली, दोस्त और अपनी सेहत के लिए समय नहीं बचेगा और हमे मजबूरन समय से समझोता करना पड़ेगा । इसलिए इस जार की तरह आप भी अपने जीवन की प्राथमिकता तय करो की आप को इसमे पहले क्या भरना है या कहे की किसके लिए समय देना है।
यह बात तो बच्चो को अच्छे से समझ आ गयी परतू अंत मे जिज्ञासा वश किसी विध्यर्थी ने पूछ लिया की इन सब मे इन दो कप चाय का क्या रोल है?

तब अध्यापक ने समझाया की आप अपने जीवन मे कितने भी व्यस्त क्यो न हो, हमेशा अपने चाहने वालों के साथ बेठकर दो कप चाय पीने/ या उनके साथ कुछ पल बिताने का समय जरूर निकालना चाहिए। यह समय बिना किसी परेशानी के अपने आप, आपके जीवन मे मिल जाएगा। ओर इतना कह कर अध्यापक ने उस जार मे दो कप चाय भी भर दी, और चाय भी जार मे आसानी से आ गया थी।
क्योकि बाकी सब वस्तुओ ने चाय को अपने अंदर सोख लिया था।
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